Nasha Shayari Romantic | Sharabi Shayari | Sharaab Shayari in Hindi | Saki Shayari | Once More Om

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Maza aata hai jeene me, Khumari chadti jaati hai
Nashe me jab, tere bheege badan ki yaad aati hai..
मज़ा आता है जिने में खुमारी चढ़ती जाती है
नशे में जब तेरे भीगे बदन की याद आती है
अंधेरा में तेरा कहना है की कोई देख लेगा तो
क़हर बनकर तेरी मासूमियत हमपर टूट जाती है
सुलगती रात जो बारिश की बूंदों से भड़क उठी
वो तेरे जिस्म की ख़ुशबू मेरी साँसों से आती है
जवाँ दोनों हुए थे साथ हम उस रात छुप छुप के
फिर सुबहा तेरे शर्माने की साज़िश याद आती है
नज़रें चुराना हमसे और फिर बेबात झगड़ना
तेरी दुनियाँ को बहकाने की चालें याद आती है
बहाने लेके फिरते थे की फिर वो रात आ जाए
वो तकिये चादर बिस्तर वो किताबें याद आती हैं
वो क्या था प्यार था या जिस्मों की हिमाक़त थी
बिना मांगे मिली सारी दुआएँ याद आती है
तड़प कर रोक लेते ये मुनासिब था न मुमकिन था
तेरे आँखों में ठहरे वो समंदर याद आते हैं
गुजरती ज़िंदगी के साथ ये वो लमहें, जो नहीं मरते
ये वो जागीर है , मरकर भी हमारे साथ जाती है
Sharabi Shayari Maza aata hai…Romance & Lust and Feeling good Hindi Nazam, That rainy night you, me and wet times
Romantic Nazam Written & Narrated By : Om
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